"सिक्किम" की अवतरण में अंतर

छो
 
==राजनीति औरी सरकार==
 
भारत के औरि राज्यों के समान, केन्द्रिय सरकार द्वारा निर्वाचित राज्यपाल राज्य शासन के प्रमुख ह । ओकर निर्वाचन मुख्यतः औपचारिक ही होला, तथा ओकर मुख्य काम मुख्यमंत्री के शपथ-ग्रहण के अध्यक्षता मे ही होला । मुख्यमंत्री, जेकर पास वास्तविक प्रशासनिक अधिकार होला, अधिकतर राज्य चुनाव में बहुमत जीते वाला दल अथवा गठबंधन के प्रमुख होवेला । राज्यपाल मुख्यमंत्री के परामर्श पर मंत्रीमण्डल नियुक्त करेला। अधिकतर अन्य राज्य के समान सिक्किम में भी एगोसभायी (एगोसदनी unicameral) सदन वाला विधान सभा ह । सिक्किम के भारत के द्विसदनी विधानसभा के दुनो सदनों, राज्य सभा तथा लोक सभा में एक-एक स्थान प्राप्त हवे । राज्य में कुल ३२ विधानसभा सीट ह जेमे से एगो बौद्ध संघ के खातिर आरक्षित ह् । सिक्किम उच्च न्यायालय देश के सबसे छोटा उच्च न्यायालय ह।
 
१९७५ में, राजतंत्र के अंत के उपरांत, कांग्रेस के १९७७ के आम चुनाव में बहुमत प्राप्त हुअल रहल । अस्थिरता के एगो दौर के बाद, १९७९ में, सिक्किम संग्राम परिषद पार्टी के नेता नर बहादुर भंडारी के नेतृत्व में एगो लोकप्रिय मंत्री परिषद के गठन हुअल । ऐकर बाद मे, १९८४ औरि १९८९ के आम चुनाव में भी भंडारी ही विजयी रहल । १९९४ में सिक्किम डॅमोक्रैटिक फ़्रंट के पवन कुमार चामलिंग राज्य के मुख्यमंत्री बनले। १९९९ औरि २००४ के चुनावों में भी विजय प्राप्त करले, ई पार्टी अभी तक सिक्किम में राज कर रही बा । येहा के लोग सिक्किम डॅमोक्रैटिक फ़्रंट के पवन कुमार चामलिंग के भगवान जैसन मानेला।
 
==अवसंरचना==
48

संपादन सभ