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'''दिल्ली''' ([[पंजाबी भाषा|पंजाबी]]: ਦਿੱਲੀ, [[उर्दू]]: دلی, IPA: [d̪ɪlːiː]) , आस-पास के कुछ जिलों के साथ [[भारत]] का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र बा। इसमें ''[[नई दिल्ली (प्रशासनिक राजधानी क्षेत्र)|नई दिल्ली]]'' सम्मिलित बा जो ऐतिहासिक पुरानी दिल्ली के बाद बसा था। इहां केन्द्र सरकार की कई प्रशासन संस्थाएँ हैं। औपचारिक रूप से नई दिल्ली भारत की राजधानी बा।{{तथ्य}} १४८३ वर्ग किलोमीटर में फैला दिल्ली भारत का तीसरा सबसे बड़ा महानगर बा। इहां की जनसंख्या लगभग १ करोड ७० लाख बा। इहां बोली जाने वाली मुख्य भाषायें बा: [[हिन्दी]], [[पंजाबी भाषा|पंजाबी]], [[उर्दू]], और [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]]। दिल्ली का ऐतिहासिक महत्त्व उत्तर भारत में इसके स्थान पर बा। इके दक्षिण पश्चिम में [[अरावली]] पहाड़ियां और पूर्व में [[यमुना नदी|यमुना]] नदी बा, जिसके किनारे इ बसा बा। इ प्राचीन समय में [[गंगा नदी|गंगा]] के मैदान से होकर जानेवाले वाणिज्य पथों के रास्ते में पड़ने वाला मुख्य पड़ाव था।<ref>{{cite book |last=Necipoglu |first=Gulru |title= Muqarnas: An Annual on the Visual Culture of the Islamic World |origyear=2002 |url=http://books.google.com/books?id=UJc2u33fCKQC&pg=PA16&dq=delhi+sultanate+political+center+city+delhi&sig=ACfU3U3zNMesuCjnsH7iAlLe5mKHpddn8w#PPA12,M1|publisher=BRILL|isbn=9004125930 |pages= 12–43|chapter=Epigraphs, Scripture, and Architecture in the Early Sultanate of Delhi|chapterurl= |year=2002}}</ref>
 
[[यमुना नदी]] के किनारे स्थित इस नगर का गौरवशाली पौराणिक इतिहास बा। इ भारत का अतिप्राचीन नगर बा। इके इतिहास का प्रारम्भ् [[सिन्धु घाटी सभ्यता]] से जुड़ा होइल बा। [[हरियाणा]] के आसपास के क्षेत्रों में हुई खुदाई से इस बात के प्रमाण मिले हैं। [[महाभारत]] काल में इसका नाम [[इन्द्रप्रस्थ]] था। [[दिल्ली सल्तनत]] के उत्थान के साथ ही दिल्ली एक प्रमुख राजनैतिक, सास्कृतिक एवं वाणिज्यिक शहर के रूप में उभरी।<ref>{{cite book |last=Aitken |first=Bill|title=Speaking Stones: World Cultural Heritage Sites in India |origyear=2002 |url=http://books.google.com/books?id=lu5jGGQ8fJkC&pg=PA21&dq=delhi+continuously+inhabited&sig=ACfU3U1Z52ojRmD1-ZS2QeQlb8UlGZeBhA|publisher=Eicher Goodearth Limited|isbn=8187780002|pages=264 pages|chapter=|chapterurl= |year=2001}}</ref> इहां कई प्राचीन एवं मध्यकालीन इमारतों तथा उनके अवशेषों को देखा जा सकता रहे। [[१६३९]] में मुगल बादशाह [[शाहजहाँ]] नें दिल्ली में ही एक चहारदीवारी से घिरे शहर का निर्माण करवाया जो[[१६७९]] से [[१८५७]] तक [[मुगल साम्राज्य]] की राजधानी रही।
|url=http://delhiplanning.nic.in/Economic%20Survey/ES%202005-06/Chpt/1.pdf |title=Chapter 1: Introduction |accessdate=2006-12-21 |format=PDF |work=Economic Survey of Delhi, 2005–2006 |publisher=Planning Department, Government of National Capital Territory of Delhi |pages=pp1–7}}</ref> पुरातात्विक रूप से जो पहले प्रमाण मिले रहे उससे पता चलता बा कि ईसा से दो हजार वर्ष पहले भी दिल्ली तथा उसके आस-पास मानव निवास करते थे।<ref name=tourhist>{{cite web
|url=http://www.indiatourism.com/delhi-history/index.html
|title=Delhi History |accessdate=2006-12-22 |work=Delhi Tourism |publisher=Advent InfoSoft (P) Ltd }}</ref> [[मौर्य-केल]] (ईसा पूर्व ३००) से इहां एक नगर के विकेस शुरु होइल। [[चंदरबरदाई]] की रचना [[पृथ्वीराज रासो]] में [[तोमर वंश|तोमर]] राजा [[अनंगपाल]] को दिल्ली के संस्थापक बताया गईल बा। ऐसा माना जाता बा कि उसने ही 'लाल-कोट' के निर्माण करवाया था और लौह-स्तंभ को दिल्ली लाया। दिल्ली में तोमरो के शासनकेल [[९००]]-[[१२००]] इसवीं तक माना जाता बा। 'दिल्ली' या 'दिल्लिके' शब्द के प्रयोग सर्वप्रथम उदयपुर में प्राप्त शिलालेखों पर पाया गईल। इस शिलालेख के समय [[११७०]] इसवीं निर्धारित कईल गईल।
 
[[१२०६]] इसवीं के बाद दिल्ली [[दिल्ली सल्तनत]] की राजधानी बनी। इसपर [[खिलज़ी वंश]], [[तुगलक़ वंश]], [[सैयद वंश]] और [[लोधी वंश]] समते कुछ अन्य वंशों ने शासन कईल। ऐसा माना जाता बा कि आज की आधुनिक दिल्ली बनने से पहले दिल्ली सात बार उजड़ी और विभिन्न स्थानों पर बसी, जिनके कुछ अवशेष अब भी देखे जा सकत रहे। दिल्ली के तत्कालीन शासकों ने इके स्वरूप में कई बार परिवर्तन कईल। मुगल बादशाह हुमायूँ ने सरहिंद के निकट युद्ध में अफ़गानों को पराजित कईल तथा बिना किसी विरोध के दिल्ली पर अधिकेर कर लिया। हुमायूँ की मृत्यु के बाद हेमू विक्रमादित्य के नेतृत्व में अफ़गानों नें मुगल सेना को पराजित कर आगरा व दिल्ली पर पुनः अधिकेर कर लिया। मुगल बादशाह [[अकबर]] ने अपनी राजधानी को दिल्ली से [[आगरा]] स्थान्तरित कर दिया। अकबर के पोते [[शाहजहाँ]] ([[१६२८]]-[[१६५८]]) ने सत्रहवीं सदी के मध्य में इसे सातवीं बार बसाया जिसे शाहजहानाबाद के नाम से पुकेरा गईल। शाहजहानाबाद को आम बोल-चाल की भाषा में पुराना शहर या पुरानी दिल्ली कहा जाता बा। प्राचीनकेल से पुरानी दिल्ली पर अनेक राजाओं एवं सम्राटों ने राज्य कईल रहे तथा समय-समय पर इके नाम में भी परिवर्तन कईल जाता रहा था। पुरानी दिल्ली [[१६३८]] के बाद मुग़ल सम्राटों की राजधानी रही। आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफ़र था।
 
[[१८५७]] के [[सिपाही विद्रोह]] के बाद दिल्ली पर ब्रिटिश शासन के हुकुमत में शासन चलने लगा। [[१८५७]] के इस [[प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] के आंदोलन को पूरी तरह दबाने के बाद अंग्रेजों ने [[बहादुरशाह ज़फ़र]] को [[रंगून]] भेज दिया तथा भारत पूरी तरह से अंग्रेजो के अधीन हो गईल। प्रारंभ में उन्होंने कलकत्ते (आजकल [[कोलकेता]]) से शासन संभाला परंतु [[१९११]] में [[उपनिवेश]] राजधानी को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गईल। [[१९४७]] में भारत की आजादी के बाद इसे अधिकेरिक रूप से भारत की राजधानी घोषित कर दिया गईल। दिल्ली में कई राजाओं के साम्राज्य के उदय तथा पतन के साक्ष्य आज भी विद्यमान रहे। सच्चे मायने में दिल्ली हमारे देश के भविष्य, भूतकेल एवं वर्तमान परिस्थितियों के मेल-मिश्रण रहे। तोमर शासको मै दिल्ली कि इस्थपना के शेय अनंगपाल को जाता बा।
[[राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र]] दिल्ली {{convert|1484|km2|sqmi|abbr=on}} में विस्तृत बा, जिसमें से {{convert|783|km2|sqmi|abbr=on|0}} भाग ग्रामीण, और {{convert|700|km2|sqmi|abbr=on|0}} भाग शहरी घोषित बा। दिल्ली उत्तर-दक्षिण में अधिकतम {{convert|51.9|km|mi|abbr=on|0}} बा और पूर्व-पश्चिम में अधिकतम चौड़ाई {{convert|48.48|km|mi|abbr=on|0}} बा। दिल्ली के अनुरक्षण हेतु तीन संस्थाएं केर्यरत बा:-
* [[दिल्ली नगर निगम]]:निगम विश्व की सबसे बड़ी नगर पालिका संगठन बा, जो कि अनुमानित १३७.८० लाख नागरिकन (क्षेत्रफल {{convert|1397.3|km2|sqmi|abbr=on|0|disp=or}}) के नागरिक सेवाएं प्रदान करेले। इ क्षेत्रफ़ल के हिसाब से भी मात्र [[टोकियो|टोक्यो]] से ही पीछे बा।"<ref>Municipal Corporation of Delhi: About us [http://www.mcdonline.gov.in/mcd/aboutus.jsp])</ref>. नगर निगम १३९७ वर्ग कि.मी. के क्षेत्र देखती बा।
* [[नई दिल्ली नगरपालिके परिषद]]: (एन डी एम सी) (क्षेत्रफल {{convert|42.7|km2|sqmi|abbr=on|0|disp=or}}) [[नई दिल्ली]] की नगरपालिके परिषद के नाम बा। इके अधीन आने वाला केर्यक्षेत्र एन डी एम सी क्षेत्र कहल जाला।
* [[दिल्ली छावनी बोर्ड]]: (क्षेत्रफल ({{convert|43|km2|sqmi|abbr=on|0|disp=or}})<ref>{{cite web |url=http://www.ndmc.gov.in/AboutNDMC/NNDMCAct.aspx |title= परिचय|accessdate=2007-07-03 |work=द न्यू देल्ही म्युनिसिपल कॉउन्सिल एक्ट १९९४|publisher=[[नई दिल्ली नगर पालिके परिषद]]}}</ref> जो दिल्ली के [[दिल्ली छावनी|छावनी]] क्षेत्रों मे दिखेला।
 
|work=List of Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains of National Importance
|publisher=[[भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण]]
}}</ref> पुराना शहर वह स्थान बा, जहां मुगलों और तुर्क शासकों ने स्थापत्य के कई नमूने खड़े किए, जैसे [[जामा मस्जिद, दिल्ली|जामा मस्जिद]] (भारत की सबसे बड़ी मस्जिद) <ref name=Jama>{{cite web| publisher=Terra Galleria|url= http://www.terragalleria.com/asia/india/delhi/picture.indi38660.html| title=Jama Masjid, India's largest mosque| accessdate=2009-03-13}}</ref> और [[लाल किला, दिल्ली|लाल किला]]। दिल्ली में फिल्हाल तीन [[विश्व धरोहर स्थल]] रहे – [[लाल किला, दिल्ली|लाल किला]], [[कुतुब मीनार]] और [[हुमायुं के मकबरा]]। <ref name=whsite>{{cite web|url=http://whc.unesco.org/en/statesparties/in|title= Properties inscribed on the World Heritage List: India|publisher=UNESCO World Heritage Centre}}</ref> अन्य स्मारकों में [[इंडिया गेट]], [[जंतर मंतर, दिल्ली|जंतर मंतर]] (१८वीं सदी की खगोलशास्त्रीय वेधशाला), [[पुराना किला]] (१६वीं सदी के किला). [[लक्ष्मीनारायण मंदिर, दिल्ली|बिरला मंदिर]], [[अक्षरधाम मंदिर, दिल्ली|अक्षरधाम मंदिर]] और [[कमल मंदिर]] आधुनिक स्थापत्यकला के उत्कृष्ट उदाहरण रहे। [[राज घाट]] में राष्ट्रपिता [[महात्मा गाँधी]] तरहे निकट ही अन्य बड़े व्यक्तियों की समाधियां रहे। [[नई दिल्ली]] में बहुत से सरकेरी केर्यालय, सरकेरी आवास, तरहे ब्रिटिश केल के अवशेष और इमारतें रहे। कुछ अत्यंत महत्त्वपूर्ण इमारतों में [[राष्ट्रपति भवन]], [[केन्द्रीय सचिवालय]], [[राजपथ]], [[संसद भवन]] और [[विजय चौक]] आते रहे। [[सफदरजंग के मकबरा]] और [[हुमायुं के मकबरा]] मुगल बागों के चार बाग शैली के उत्कृष्ट उदाहरण रहे।
 
दिल्ली के राजधानी [[नई दिल्ली]] से जुड़ाव और भूगोलीय निकटता ने इहां की राष्ट्रीय घटनाओं और अवसरों के महत्त्व को कई गुणा बढ़ा दिया बा। इहां कई राष्ट्रीय त्यौहार जैसे [[गणतंत्र दिवस]], [[स्वतंत्रता दिवस]] और [[गाँधी जयंती]] खूब हर्षोल्लास से मनाए जाते रहे। भारत के स्वतंत्रता दिवस पर इहां के प्रधान मंत्री लाल किले से इहां की जनता को संबोधित करते रहे। बहुत से दिल्लीवासी इस दिन को पतंगें उड़ाकर मनाते रहे। इस दिन पतंगों को स्वतंत्रता के प्रतीक माना जाता बा।<ref name=freedom>{{cite web| work=123independenceday.com|publisher=Compare Infobase Limited| url=http://123independenceday.com/indian/gift_of/freedom/ | title=Independence Day| accessdate=2007-01-04}}</ref> गणतंत्र दिवस की परेड एक वृहत जुलूस होता बा, जिसमें भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक झांकी के प्रदर्शन होता बा। <ref name=repmil>{{cite web|url=http://www.thehindubusinessline.com/2002/01/28/stories/2002012800060800.htm
|title= R-Day parade, an anachronism?|accessdate=2007-01-13|last=Ray Choudhury|first=Ray Choudhury|date=28 January 2002|publisher=The Hindu Business Line}}</ref><ref name=repcul>{{cite web
|url=http://www.india-tourism.org/delhi-travel/delhi-fairs-festivals.html
[[चित्र:Delhi Auto Show.jpg|thumb|[[ऑटो एक्स्पो]], एशिया के सबसे बड़ा ऑटो प्रदर्शनी अवसर बा। <ref name="autogenerated2">{{cite web|url=http://www.hindu.com/2008/01/09/stories/2008010953071500.htm |title=The Hindu : Front Page : Asia’s largest auto carnival begins in Delhi tomorrow |publisher=Thehindu.com |date= |accessdate=2008-11-03}}</ref> , जो कि [[प्रगति मैदान]] में द्विवार्षिक आयोजित होता बा। ]]
 
[[पंजाबी खाना|पंजाबी]] और [[मुगलई खाना|मुगलई]] खान पान जैसे [[कबाब]] और [[बिरयानी]] दिल्ली के कई भागों में प्रसिद्ध रहे।<ref>[http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/2060348.cms Delhi to lead way in street food] Times of India</ref><ref name="India Today Food">[http://conclave.digitaltoday.in/conclave2008/index.php?issueid=32&id=2427&option=com_content&task=view&sectionid=8 Discovering the spice route to Delhi] India Today</ref> दिल्ली की अत्यधिक मिश्रित जनसंख्या के केरण भारत के विभिन्न भागों के [[भारतीय खाना|खानपान]] की झलक मिलती बा, जैसे [[राजस्थानी खाना|राजस्थानी]], [[महाराष्ट्रियन खाना|महाराष्ट्रियन]], [[बंगाली खाना|बंगाली]], [[बादराबादी खाना|बादराबादी]] खाना, और [[दक्षिण भारतीय खाना|दक्षिण भारतीय खाने के आइटम]] जैसे [[इडली]], [[सांभर]], [[दोसा]] इत्यादि बहुतायत में मिल जाते रहे। इ साथ ही स्थानीय खासियत, जैसे [[दिल्ली की चाट|चाट]] इत्यादि भी खूब मिलती बा, जिसे लोग चटकेरे लगा लगा कर खाते रहे। इनके अलावा इहां [[महाद्वीपीय खाना]] जैसे इटैलियन और चाइनीज़ खाना भी बहुतायत में उपलब्ध बा।
 
इतिहास में दिल्ली उत्तर भारत के एक महत्त्वपूर्ण व्यापार केन्द्र भी रहा बा। पुरानी दिल्ली ने अभी भी अपने गलियों में फैले बाज़ारों और पुरानी मुगल धरोहरों में इन व्यापारिक क्षमताओं के इतिहास छुपा कर रखा बा।<ref name=slt>{{cite news
* [[पेरिस]], {{FRA}}
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परिचय दास [ १९६४ ]. जानल -मानल साहित्यकार . पूर्व सचिव , हिन्दी अकादमी, दिल्ली सरकार. पूर्व सचिव, मैथिली-भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकार. जन्म- रामपुर काँधी , पोस्ट- देवलास , जिला - मऊ . गवर्नमेंट डिग्री कालेज , मुहम्मदाबाद गोहना , मऊ से हिन्दी, अंग्रेजी व इतिहास में बी. ए. कइलन . गांधी पोस्ट ग्रेजुएट कालेज , मालटारी , आज़मगढ़ से एम . ए. [ हिन्दी ] प्रथम श्रेणी में कइलन . गोरखपुर विश्वविद्यालय से पी-एच.डी. भोजपुरी -मैथिली- पत्रिका - '' परिछन '' क सम्पादन तथा हिन्दी साहित्य क पत्रिका : ' 'इंद्रप्रस्थभारती '' क सम्पादन कइलन . आकांक्षा से अधिक सत्वर , चारुता , पृथ्वी से रस ले के , युगपत समीकरण में , एक नया विन्यास , संसद भवन की छत पर खड़ा हो के , कविता चतुर्थी , धूसर कविता अनुपस्थित दिनांक , कविता के मद्धिम आंच में आदि उन कर महत्त्वपूर्ण कविता पुस्तकं हईं . तीस से अधिक पुस्तक . भोजपुरी क समकालीन कविता के नयका मारग तथा भोजपुरी- हिन्दी ललित निबंध आ सृजनात्मक आलोचना क नई भाषा दिहलन . यह समय नई दिल्ली में रहेलन.
 
 
 
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== अर्थ व्यवस्था ==
{{main|भारत की अर्थव्यवस्था}}
[[मुंबई]] के बाद दिल्ली भारत के सबसे बड़े व्यापारिक महानगरो में से बा। देश में प्रति व्यक्ति औसत आय की दृष्टि से भी इ देश के सबसे संपन्न नगरो में गिना जाता बा। [[१९९०]] के बाद से दिल्ली विदेशी निवशेकों के पसंदीदा स्थान बना बा। हाल में कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों जैसे [[पेप्सी]], गैप, इत्यादि ने दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों मे अपना मुख्यालय खोला बा। क्रिसमस के दिन वर्ष [[२००२]] में दिल्ली के महानगरी क्षेत्रों में [[दिल्ली मेट्रो रेल]] के शुभारम्भ होइल जिसे वर्ष २०२२ में पूरा किये जाने के अनुमान बा।
 
हवाई यातायात द्वारा दिल्ली [[इन्दिरा गांधी अन्तरराष्ट्रीय विमानस्थल]] से पूरे विश्व से जुड़ा बा।.
 
;रेल सेवा
दिल्ली [[भारतीय रेल]] के [[:Image:India railway schematic map.svg|नक्शे]] के एक प्रधान जंक्शन बा। इहां [[उत्तर रेलवे]] के मुख्यालय भी बा। इहां के चार मुख्य रेलवे स्टेशन रहे: [[नई दिल्ली रेलवे स्टेशन]], [[दिल्ली जंक्शन]], [[सराय रोहिल्ला]] और [[हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन]]।<ref name=ecosurv12/> दिल्ली अन्य सभी मुख्य शहरों और महानगरों से कई राजमार्गों और एक्स्प्रेसवे(त्वरित मार्ग) द्वारा जुड़ा होइल बा। इहां वर्तमान में तीन एक्स्प्रेसवे रहे, और तीन निर्माणाधीन रहे, जो इसे समृद्ध और वाणिज्यिक उपनगरों से जोड़ेंगे। [[दिल्ली गुड़गांव एक्स्प्रेसवे]] दिल्ली को [[गुड़गांव]] और अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ता बा। [[डी एन डी फ्लाइवे]] और [[नौयडा]]-[[ग्रेटर नौयडा]] एक्स्प्रेसवे दिल्ली को दो मुख्य उपनगरों से जोड़ते रहे। ग्रेटर नौयडा में एक अलग अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा योजनाबद्ध बा, और नौयडा में इंडियन ग्रैंड प्रिक्स नियोजित बा।
 
;वायु सेवा
35,048

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