आठवीं अनुसूची में भोजपुरी

भारत के संबिधान के 8वीं-अनुसूची में भोजपुरी के सामिल करावे खातिर लंबा समय से माँग उठावल जा रहल बा। कई बेर एकरा खातिर धरना-पर्दर्शन के आयोजन हो चुकल बा आ भोजपुरी भाषा के साहित्यकार, पत्रकार आ चिंतक लोग एकरा खातिर कई किसिम के तर्क दे रहल बा। ओहीजे अइसन लोगन के भी कमी ना बा जे लोग एह माँग के बाकायदा बिरोध करे वाला बा। बिरोधी लोगन के तर्क भोजपुरी के भाषा के दर्जा मिलले से हिंदी के कमजोर होखे के बा।[1][2][3]

परिचय संपादन

भारत के संबिधान में अठवां अनुसूची में वर्तमान में कुल 22 गो भाषा दर्ज बाड़ी। जबकि एह में भोजपुरी नइखे। एह चलते भारत में भोजपुरी भाषा के आधिकारिक तौर पर भाषा ना मानल जाला बलुक एकरा के हिंदी के बोली मानल जाला। भोजपुरी के भाषा ना माने के कारण के रूप में हिंदी के साम्राज्यवाद[4][5] आ हिंदी भाषी लोग के संख्या बढ़ा-चढ़ा के देखावे के कोशिश मानल जाला, जबकि हिंदी के वकालत करे वाला लोग भोजपुरी के भाषा के दर्जा देवे के माँग के हिंदी के कमजोर करे खातिर षडयंत्र माने ला अ एकर बिरोध करे ला।[6]


संदर्भ संपादन

  1. site admin (2017-02-17). "Linguists divided over inclusion of Bhojpuri in 8th Schedule - PTI feed News" ((अंग्रेजी में) में). Indiatoday.in. Retrieved 2018-10-04.{{cite web}}: CS1 maint: unrecognized language (link)
  2. "Linguists divided over inclusion of Bhojpuri in 8th Schedule" ((अंग्रेजी में) में). Dnaindia.com. 2017-02-17. Retrieved 2018-10-04.{{cite web}}: CS1 maint: unrecognized language (link)
  3. "Don't add Hindi dialects in Eighth Schedule, say academics". The Hindu. 2017-01-20. Retrieved 2018-10-04.
  4. Professor T K Oommen (10 February 2004). Nation, Civil Society and Social Movements: Essays in Political Sociology. SAGE Publications. pp. 98–. ISBN 978-81-321-0394-3.
  5. Kapil Kapoor (1 January 1994). Language, Linguistics, and Literature, the Indian Perspective. Academic Foundation. pp. 103–. ISBN 978-81-7188-064-5.
  6. "Don't add Hindi dialects in Eighth Schedule, say academics". The Hindu. 2017-01-20. Retrieved 2017-05-16.

बाहरी कड़ी संपादन

  • संसद में माँग, जद (यू) सांसद अली अनवर अंसारी द्वारा, (वीडियो यूट्यूब पर)। (हिंदी आ भोजपुरी में भाषण)