ठाट चाहे थाट हिंदुस्तानी संगीत के एगो कांसेप्ट हवे जेकर इस्तेमाल राग सभ के बर्गीकरण में होला। भातखंडे सिस्टम में दस गो ठाट मानल गइल हवें। हालाँकि, कुछ बिद्वान लोग के हिसाब से सात गो शुद्ध आ पाँच गो विकृत स्वर सभ के कंबीनेशन से कुल 72 गो ठाट बन सके के बात मानल जाला।

दस ठाटसंपादन

उत्तर भारतीय संगीत, मने की हिंदुस्तानी संगीत, में बतावल 10 गो ठाट बाड़ें:

  1. बिलावल - सा, रे, ग, म, प, ध, नि
  2. कल्याण - सा, रे, ग, म॑, प ध, नि
  3. खमाज - सा, रे ग, म, प ध, नि॒
  4. आसावरी - सा, रे, ग॒, म, प ध॒, नि॒
  5. काफ़ी - सा, रे, ग॒, म, प, ध, नि॒
  6. भैरवी - सा, रे॒, ग॒, म, प ध॒, नि॒
  7. भैरव - सा, रे॒, ग, म, प, ध॒ नि
  8. मारवा - सा, रे॒, ग, म॑, प, ध नि
  9. पूर्वी - सा, रे॒, ग, म॑, प ध॒, नि
  10. तोड़ी - सा, रे॒, ग॒, म॑, प, ध॒, नि