नागवासुकी मंदिर, इलाहाबाद

नागवासुकी मंदिर भा नाग बासुकी मन्दिर इलाहाबाद में मौजूद एक ठो हिंदू मंदिर बाटे। ई मंदिर संगम के लग्गे महल्ला दारागंज के उत्तरी छोर पर बाटे। अहिजा के गरभगृह में रखल नाग नागिन के मुरती 10वीं सदी के बतावल जाले। एह प्राचीन मंदिर के निर्माण वेशर शैली मे भइल बा। नागपंचमी के दिने इहँवा बिसाल मेला लागे ला।[1][2]

कथा आ पुराण मेंसंपादन

नागवासुकी के बिबरन पद्म पुराण आ श्रीमद्भागवत में मिले ला। कथा के मोताबिक समुंद्र-मंथन के समय वासुकी नाग के रसरी के रूप में इस्तेमाल कइल गइल रहल जेकरे कारन उनके शरीर में सुमेरु परबत से रगड़ के चलते जलन पैदा भइल, मंदराचल परबत पर निवास के बादो जलन ना ठीक होखे पर भगवान विष्णु के सलाह पर वासुकी प्रयाग आ के सरस्वती के जल पी के कुछ दिन बिश्राम कइलें तब ई जलन नीक भइल।[3]

दुसरे कथा के अनुसार गंगा जब आकाश से जमीन पर उतरली तब तेज बहाव के चलते उनके पानी पाताल ले पहुँच गइल आ नागवासुकी के फन पर परल जेकरे चलते भोगातीर्थ बनल, नागवासुकी के प्रयाग आगमन पर ई तीरथ इहाँ आ गइल।[4] वर्तमान में मंदिर के पच्छिम ओर के हिस्सा के भोगतीर्थ मानल जाला।

इतिहास मेंसंपादन

अइसन बिबरन बतावल जाला कि मंदिर के जीर्णोद्धार नागपुर के राजा श्रीधर भोंसले द्वारा करावल गइल रहे। इहो कथा बतावल जाले की औरंगजेब इहाँ आ के मंदिर में मूर्ती पर तलवार चलवलें जब नागवासुकी के भब्य रूप में मूर्ती के देख के बेहोस हो गइलेन।[3]

2001 में मंदिर में कुछ मरम्मत के काम मुरलीमनोहर जोशी द्वारा करावल गइल।[3]

संदर्भसंपादन

  1. "Kumbh 2006".
  2. 2013, Mela Adhikari Kumbh Mela. "Official Website of Kumbh Mela 2013 Allahabad Uttar Pradesh India".{{cite web}}: CS1 maint: numeric names: authors list (link)
  3. 3.0 3.1 3.2 "जहां विराजमान हैं नागों के राजा नागवासुकी". Dainik Jagran (in Hindi). 26 जुलाई 2018. Retrieved 16 मार्च 2020.
  4. "Nag Vasuki Temple Allahabad: प्रयाग कुंभ मेला, पंचम नायक: नागवासुकि मंदिर". hindi.webdunia.com (in Hindi).