भारतीय दर्शन (अंगरेजी: Indian philosophy, इंडियन फिलासफी) काफ़ी पुराना समय से भारतीय उपमहादीप के क्षेत्र में मौजूद दार्शनिक परंपरा हवे। एह इलाका में मौजूद वर्तमान हिंदू, बौद्ध, जैन नियर धर्म आ नास्तिक परंपरा सभ यही धारा से उपजल चीज हवे। परंपरागत रूप से भारतीय दर्शन के दो हिस्सा में बाँटल जाला – आस्तिक आ नास्तिक।

अस्तिक दर्शन के छव भाग कइल जा सकेला: न्याय, वैशेशिका, संख्य, योग, मीमांसा, वेदांता। नास्तिक दर्शन में जैन, बुद्ध, अज्ञान, आजीविका आ चार्वाक आवेला।

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