स्पेस

जेह में दूरी आ दिसा तय होला

स्पेस (अंगरेजी: Space) तीन-आयामी (3-D) बिस्तार हऽ जेकर कवनो सीमा नइखे आ एही में सगरी चीज आ घटना सभ मौजूद बा; आपस में कौनो-न-कौनो सापेक्षिक दूरी पर आ एक दूसरा से कौनों-न-कौनों सापेक्षिक दिसा में ई सगरी चीज आ घटना के स्थिति बा।[1]

कार्तेजियन निर्देशांक सिस्टम, जेकर इस्तेमाल स्पेस में कौनो चीज क जगह बतावे खातिर कइल जाला

अक्सरहा, भौतिक स्पेस के तीन गो रेखीय डाइमेंशन में बिस्तार लिहले मानल जाला। हालाँकि भौतिकी के जानकार लोग एही में समय यानी टाइम के भी जोड़ लेला आ अनंत-असीम स्पेसटाइम के संकल्पना (कांसेप्ट) के रूप में एकर बर्णन करे ला। स्पेस के कांसेप्ट के मूलभूत कांसेप्ट मानल जाला आ ई भौतिक ब्रह्मांड के समझे खातिर मूल चीज मानल जाला। हालाँकि, दार्शनिक लोग में एह बात पर अभिनो ले बिबाद बा कि ई स्पेस अपना में खुद कौनो इकाई (एंटाइटी) हवे, अलग-अलग इकाई सभ के बीचा में आपसी संबंध मात्र हवे, भा एगो कांसेप्चुअल फ्रेमवर्क के हिस्सा भर हऽ।

संस्कृत में स्पेस के दिक् कहल जाला आ स्पेसटाइम के दिक्काल कहल जाला।

संदर्भसंपादन

  1. "space - physics and metaphysics". Encyclopedia Britannica.