स्मॉग

हवा के प्रदूषण के एगो किसिम

स्मॉग (अंगरेजी: Smog) एक किसिम के हवा प्रदूषण हवे। एह शब्द के स्मोक (धुँआ) आ फॉग (कुहासा चाहे कोहरा) के मिला के मिला के बनावल गइल। आमतौर प ई अइसन कोहरा, कुहासा खातिर इस्तेमाल कइल जाला जेह में धुँआ मिलल होखे।

नई दिल्ली में स्मॉग

एह तरह के लउके वाला हवा प्रदूषण (विजिबल एयर पाल्यूशन) नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड, ओजोन, धुँआ आ अउरी महीन कण सभ से बनल होला। मानव निर्मित स्मॉग कोइला जरावे से होखे वाला उत्सर्जन, वाहन के उत्सर्जन, औद्योगिक उत्सर्जन, जंगल आ खेती के आग आ एह उत्सर्जन के प्रकाश रासायनिक रिएक्शन (फोटो-केमिकल रिएक्शन) से पैदा होला।

स्मॉग के अक्सर गर्मी के स्मॉग भा जाड़ा के स्मॉग के रूप में श्रेणीबद्ध कइल जाला। गर्मी के धुंध मुख्य रूप से ओजोन के फोटो-केमिकल निर्माण से जुड़ल बा। गर्मी के मौसम में जब तापमान बेसी होला आ सूरज के रोशनी ढेर होला तब फोटोकेमिकल स्मॉग के निर्माण होखे ला। जाड़ा के महीना में जब तापमान ठंडा होला, आ वायुमंडलीय इन्वर्जन आम होला, घर आ भवन सभ के गरम करे खातिर कोयला आ अउरी जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल में बढ़ती होला। ई दहन उत्सर्जन, इन्वर्जन के चलते प्रदूषक के बिस्तार के कमी के साथ, जाड़ा के धुंध के निर्माण के बिसेसता हवे। आमतौर पर धुंध के निर्माण प्राथमिक आ माध्यमिक दुनों तरह के प्रदूषक पर निर्भर होला। प्राथमिक प्रदूषक सभ सीधे कौनों स्रोत से निकले लें, जइसे कि कोयला के दहन से सल्फर डाइऑक्साइड के उत्सर्जन। द्वितीयक प्रदूषक, जइसे कि ओजोन, तब बने ला जब प्राथमिक प्रदूषक सभ के वायुमंडल में रासायनिक रिएक्शन होखे।

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संदर्भसंपादन