इकोलाजी (Ecology) या पारिस्थितिकी में जीवधारी सभ आ उनहन के अपने पर्यावरण की साथे क्रिया-प्रतिक्रिया क अध्ययन आ बैज्ञानिक बिस्लेषण कइल जाला। ए बिज्ञान के पर्यावरणीय जीव बिग्यान भी कहल जाला। मुख्य रूप से इ बिग्यान कौनो आस्थान की पर्यावरण के एगो सिस्टम मान के ओकर अध्ययन करे ला।




इकोलॉजी में सगरी जिंदा जिया-जंतु आ उनहन के पर्यावरण के साथ संबंध के अध्ययन होला आ जीवधारी सभ के खुद के क्रियाकलाप आ उनहन के आसपास के पर्यावरणी दसा से बनल आवास के भी अध्ययन होला, आ बिस्व के अलग-अलग जगह पर अलग दसा के कारण इलाकाई अध्ययन भी होला।

सिस्टम चाहे तंत्र क मतलब होला अइसन इकाई जेवना क कुल पार्ट चाहे अंग एक दुसरा से जुडल होखे आ आपस में क्रिया-प्रतिक्रिया करत होखे आ एही वजह से ऊ सिस्टम कई टुकड़न से मिल के बनला की बावजूद एगो सिंगल इकाई की रूप में ब्यवहार करत होखे।

ए नजरिया से देखल जाय त हमनी की पृथ्वी क पर्यावरणो एगो बहुत बड़हन सिस्टम (तंत्र) की रूप में काम करेला। पर्यावरण क रचना कई चीज से मिल के भइल बा जिनहाँ के एकर अंग (पार्ट) कहल जा सकेला आ तबो पर ई अलग-अलग अंग कौनो न कौनो क्रिया-प्रक्रिया द्वारा एक दुसरा से जुड़ के पुरा पर्यावरण के एगो सिंगल जिंदा इकाई की रूप में काम करे लायक बनावेला। एही से पर्यावरण के एगो इकोसिस्टम कहल जाला।

इकोसिस्टम की रूप में पर्यावरण के मान लिहला पर एकरी अध्ययन में कई तरह क सुबिधा हो जाला। सबसे बड़ बात ई कि तब ई मान लिहल जाला की पर्यावरण की कौनो छोट से छोट अंग में कौनो बदलाव होई त ओकर परभाव पूरा पर्यावरण पर पड़ी। ए तरह से पर्यावरण में होखे वाला बदलाव क अध्ययन करे में बहुत सुबिधा हो जाला।

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