गुप्त साम्राज्य प्राचीन भारत के एगो साम्राज्य रहल जेकर स्थापना श्री गुप्त द्वारा भइल। चंद्रगुप्त I, समुद्रगुप्तचंद्रगुप्त II एह साम्राज्य के परसिद्ध शासक रहल लोग। ई साम्राज्य 320 से 550 ईसवी के बीच अपने उत्कर्ष के काल में रहल[1] आ एह समय के भारत के इतिहास के सोनहरा जुग मानल गइल बा।[2]

गुप्त साम्राज्य
321 CE–550 CE
Location of गुप्त साम्राज्य
अपना चरम बिस्तार के काल में गुप्त साम्राज्य के सीमा
Capital पाटलिपुत्र
Languages संस्कृत (साहित्य आ उच्चशिक्षा); प्राकृत सभ (देहाती भाषा)
Religion
Government राजशाही
महाराजाधिराज
 •  240s–280s श्री गुप्त
 •  319–335 चंद्रगुप्त I
 •  335-380 समुद्रगुप्त
 •  380–415 चंद्रगुप्त II
 •  540–550 विष्णुगुप्त
Historical era प्राचीन भारत
 •  Established 321 CE
 •  Disestablished 550 CE
Area 3,500,000 km² (1,351,358 sq mi)
Preceded by
Succeeded by
महामेघवाहन बंस
काण्व बंस
कुषाण साम्राज्य
भारशिव बंस
पच्छिम
बाद के गुप्त शासक
मौखरी
मैत्रक
पुष्यभूति
माथर बंस
वर्मन बंस
कलचुरी
Today part of
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एह साम्राज्य के दौरान भारत में भवन निर्माण, नक्काशी, चित्रकारी वगैरह में सभसे महत्व के योगदान भइल।[3] साहित्य आ कला के दृष्टि से भा बिज्ञान के क्षेत्र में ई काल प्राचीन भारत के इतिहास में सभसे समृद्ध मानल जाला। एही समय में कालिदास, आर्यभट II, वात्स्यायन, वाराहमिहिर, आ विष्णुशर्मा नियर बिद्वान भइल लोग। महाभारतरामायण नियर साहित्यिक ग्रंथ सभ अपना वर्तमान रूप में एही समय में आइल।

  1. Gupta Dynasty – MSN Encarta. Archived from the original on 1 नवंबर 2009.
  2. N. Jayapalan, History of India, Vol. I, (Atlantic Publishers, 2001), 130.
  3. Ancient India. The Age of the Guptas.wsu.edu