लोकेशन

(जगह से अनुप्रेषित)

लोकेशन, अस्थान या फिर जगह, भूगोल में पृथ्वी की कौनों क्षेत्र, सहर गांव या कौनों भी बिंदु के कहल जाला जेवन अपनी स्थिति खातिर बिसेस रूप से पहिचनाल जा सके। आम बोलचाल में जगह आ लोकेशन दुनों के एकही अरथ लगावल जाला। हालाँकि, भूगोल में इनहन में एगो भेद कइल जाला। लोकेशन के भूगोल में दू तरीका से बतावल जाला। स्वतंत्र निर्देशांक द्वारा, मने की अक्षांश-देशांतर की द्वारा[1]; या सापेक्षिक निर्देशांक द्वारा - जेवना में दूसरी मालूम जगहन से दूरी आ दिशा बतावल जाला। जबकी, जगह के परिभाषा बतावे में सटीक लोकेशन पर ओतना जोर ना होला जेतना कि ओह लोकेशन पर पावे जाए वाला चीज सभ के बिसेसता बतावे पर होला।[2] के अपने आप में बिशिष्ट भइले की कारन ई भूगोल के आधार हवे, काहें से की भूगोल में प्राथमिक रूप से एही बात के पढ़ाई होला की कौनो चीज कौनी-कौनी जगह पर पावल जाला, या फिर कौनों जगह बिसेस पर कवन-कवन चीज मिलेला।

तीन गो अर्थEdit

भूगोल आ जीआइएस में आमतौर पर जगह शब्द के तीन गो अरथ में प्रयोग हो सकेला:[3]

  1. पृथ्वी क कौनो हिस्सा (Space),
  2. लोकेशन (Location) आ
  3. अइसन अस्थान जेवना के स्पष्ट पहिचान होखे (Place)।

एह में लोकेशन आ प्लेस में ई अंतर होला की लोकेशन पृथ्वी क कौनो भी बिंदु हो सकेला जइसे की 27° 59' N आ 86° 56' E एगो लोकेशन बा। बाकी जबले एकर पहिचान नइखे तबले ई अस्थान (प्लेस) ना कहाई। हँ, जब ई बता दिहल जाय की ई माउन्ट एवरेस्ट के लोकेशन हवे, तब ई एगो बिसेस जगह बन जाई जेवना के पहिचान भी साफ हो गइल। अब ई जगह के प्लेस कहल जाई।[4]

इहो देखल जायEdit

संदर्भEdit

  1. Gersmehl, P. (2008). Teaching Geography, 2nd ed. p. 60.
  2. Society, National Geographic. "Place". नेशनल ज्याग्राफिक डॉट ओआरजी. पहुँचतिथी 23 सितंबर 2020.
  3. Rubinov, Lev (12 सितंबर 2019). "Space vs Place vs Location". ArcGIS StoryMaps (English में). पहुँचतिथी 23 सितंबर 2020.
  4. "...in contrast to location, it (place) is not used in an abstract sense but confined to an identifiable location on which we load certain values." - पीटर हैगेट, Geography:A Global Synthesis, (2001), pp.5