ज्वालामुखी

जमीन में दरार चाहे छेद जवना से तपत भूपदार्थ, मैग्मा, गैस, राखी इत्यादि बहरें निकले लें, जमा हो के पह

ज्वालामुखी (अंगरेजी: volcano, वल्कैनो चाहे वॊल्कैनो) पृथ्वी के सभसे ऊपरी परत, क्रस्ट, में अइसन दरार चाहे छेद के कहल जाला जौना रस्ता से नीचे के जमीन के अंदर मौजूद बहुत गरम पदार्थ फूट के बाहर निकले ला; एह घटना भा प्रक्रिया के ज्वालामुखीयता कहल जाला आ पदार्थ के जमीन के ऊपर जमा हो गइला से बनल आकृति के ज्वालामुखी परबत चाहे ज्वालामुखी शंकु कहल जाला। ज्वालामुखी से बहरें निकले वाल पदार्थ सभ में एकदम तपत मैग्मा (गर्मी से पघिलल चट्टान), गर्म चट्टान के टुकड़ा, गर्म राखी, बिबिध तपत गैस, धुँआ इत्यादि होखे लें। ई प्रक्रिया लमहर समय ले धीरे-धीरे लगातार चले वाली हो सके ला, चाहे अचानक बिस्फोट के रूप में होखे वाली आ लंबा समय के गैप के बाद होखे वाली घटना हो सके ला।

पहाड़ के मुहाना से निकलत धुँआ
स्ट्राम्बोली ज्वालामुखी बिस्व के कुछ सभसे परसिद्ध ज्वालामुखिन में से एक हवे।
ज्वालामुखी से निकलत धुँआ
क्लीवलैंड ज्वालामुखी के अंतरिक्ष से लिहल तस्वीर

पृथिवी के अलावा कुछ अउरियो ग्रह सभ आ उपग्रह सभ पर अइसन घटना आ ई प्रक्रिया मौजूद होखे के सबूत मिलल बाड़ें।

संदर्भसंपादन