तारा चाहे जोन्ही (अंगरेजी: Star, संस्कृत: नक्षत्र) प्लाज्मा के बनल चमकदार आकाशी पिंड हवें जे अपने खुद के गुरुत्व के कारण छितराये से बचल रहे लें जबकि इनहन के केंद्र में थर्मोन्यूक्लियर फ्यूजन के कारण भारी मात्रा में ऊर्जा रिलीज होखे ले आ बाहर की ओर बल लगावे ले। पृथिवी के सभसे नजदीकी तारा सुरुज बाटे जवन हमनी के सौर मंडल के सेंटर में बाटे, पृथ्वी आ बाकी ग्रह सुरुज के चक्कर लगावे लें। हमनी के सौर मंडल के बाहर सभसे नगीचे मौजूद तारा प्रॉक्सिमा सेंचुरी बा। पुराना समय से बिद्वान आ बैज्ञानिक लोग एह तरई सभ के निरखत आ रहल बा आ इनहन के छोट-बड़ झुंड में कल्पित क के नक्षत्र (नछत्तर) सभ के रूप में नाँव भी दिहले बा। कुछ बेसी चमकदार तारा सभ के आपन खुद के नाँव भी बा। हालाँकि, अइसन तारा सभ भी आकाश में बाड़ें जिनहन के चमक एतना कम बाटे कि ई खाली आँख से ना देखलाई पड़े लें। हमनी के अपने आकाश गंगा नाँव के गैलेक्सी के कुछ तारा सभ के देख पावे लीं जे एह गैलेक्सी में हमनी के नगीचे बाड़े। एगो अनुमान के मोताबिक ब्रह्मांड में कुल लगभग 300 सेक्सटिलियन (3×1023)[1][2] तारा बाड़ें जिनहन में से ज्यादतर दूरी के कारण देखलाई ना पड़े लें।

तारा निर्माण वाला इलाका
तारा सभ के निर्माण, बिसाल मैगलेनिक बदरी क्षेत्र में।
सुरुज के चित्र
सुरुज एगो फाल्स कलर कंपोजिट (एफसीसी) इमेज। सुरुज हमनी के पृथ्वी से सभसे नगीचे के तारा हवे।

संदर्भसंपादन

  1. Borenstein, Seth (1 दिसंबर 2010). "Universe's Star Count Could Triple". CBS News. पहुँचतिथी 2011-07-14.
  2. Van Dokkum, Pieter G; Conroy, Charlie (2010). "A substantial population of low-mass stars in luminous elliptical galaxies". Nature. 468 (7326): 940–2. arXiv:1009.5992. Bibcode:2010Natur.468..940V. doi:10.1038/nature09578. PMID 21124316.