पहिली बौद्ध संगीति प्राचीन काल में बौद्ध धर्म के लोग के पहिला सम्मलेन रहे जवन गौतम बुद्ध के महापरिनिर्वाण (मृत्यु) के कुछे समय बाद भइल।[1] एकर मकसद बुद्ध के शिक्षा के सही पालन करे खातिर उनहन के संकलन कइल रहे।

राजगृह में पहिली बौद्ध संगीति, पेंटिंग नव जेतवन, श्रावस्ती

ई संगीति राजगृह (वर्तमान राजगीर, बिहार) में संपन्न भइल आ एकर अध्यक्षता महाकस्सप कइलें। कुछ ग्रंथ एकरा समय बुद्ध के मृत्यु से अगिला साल बतावे लें[2] आ ओह समय मगध के राजा अजातशत्रु रहलें।

एह संगीति में विनयपिटकसुत्तपिटक के संकलन कइल गइल।

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फुटनोटसंपादन

संदर्भसंपादन

  • शर्मा, चन्द्रधर (1998). भारतीय दर्शन:आलोचन और अनुशीलन (Hindi में). बनारस: मोतीलाल बनारसीदास. ISBN 8120821343. पहुँचतिथी 13 मई 2016.CS1 maint: ref=harv (link)
  • शास्त्री, के॰ ए॰ नीलकांत (1 जनवरी 2007). नंद-मौर्य युगीन भारत (Hindi में). बनारस: मोतीलाल बनारसीदास. ISBN 8120821041. पहुँचतिथी 13 मई 2016.CS1 maint: ref=harv (link)
  • सहाय, शिवस्वरूप (2008). प्राचीन भारतीय धर्म एवं दर्शन (गूगल पुस्तक) (Hindi में). बनारस: मोतीलाल बनारसीदास. ISBN 8120823680. पहुँचतिथी 13 मई 2016.CS1 maint: ref=harv (link)