विश्व के प्रमुख भाषाकुलवन के भाषाभाषियन के संख्या के पाई-चार्ट

आपस में सम्बन्धित भाषावन के भाषा-परिवार कहल जायेला। कउन भाषाकुल कउन परिवार में आवेला, एकर वैज्ञानिक आधार बा।

इस समय संसार के भाषावन के तीन अवस्थाकुल बाडें। विभिन्न देशवन के प्राचीन भाषावन जेकर अध्ययन आ वर्गीकरण पर्याप्त सामग्री के अभाव में नईखे हो सकल, पहलीका अवस्था में बा। इकुल के अस्तित्व इमें उपलब्ध प्राचीन शिलालेखवन, सिक्कवन आ हस्तलिखित पुस्तकवन में अभी सुरक्षित बा। मेसोपोटेमिया के पुरान भाषा ‘सुमेरीय’ तथा इटली क प्राचीन भाषा ‘एत्रस्कन’ एही तरह की भाषाकुल हवें। दूसर अवस्था में अईसन आधुनिक भाषाकुल हवें, जेके सम्यक् शोध के अभाव में अध्ययन आ विभाजन प्रचुर सामग्री के होते हुए भी नईखे हो सकल। बास्क, बुशमन, जापानी, कोरियाई, अंडमानी आदि भाषाकुल एही अवस्था में बाड़ें। तीसरका अवस्था के भाषावन में पर्याप्त सामग्री बा आ उका अध्ययन एवं वर्गीकरण हो चुकल बा। ग्रीक, अरबी, फारसी, संस्कृत, अंगरेजी आदि अनेक विकसित एवं समृद्ध भाषाकुल इके अन्तर्गत आवेलें।