मधेस नेपाल के तीन गो इकोलॉजिकल क्षेत्र सभ में सभसे दक्खिनी, तराई वाला सपाट हिस्सा के कहल जाला। ई इलाका पूरुब से पच्छिम ओर के, लगभग 800 किलोमीटर के लंबाई में आ 25 से 32 किलोमीटर के चौड़ाई वाली पट्टी के रूप में बिस्तार लिहले बाटे।[1] भारत के उत्तराखंड राज्य से सुरू हो के पूरुब ओर उत्तर प्रदेश, नेपाल, बिहार, पच्छिम बंगाल, भूटान आ आगे ले बिस्तार लिहले एगो पट्टी के रूप में, हिमालय के सभसे दक्खिनी श्रेणी - शिवालिक परबत श्रेणी के ठीक दक्खिन में मिले वाला नम मैदानी हिस्सा के तराई कहल जाला। एही तराई के नेपाल में पड़े वाला हिस्सा के मधेस कहल जाला।

नेपाल के बिराटनगर के लगे एक ठो मैदानी लैंडस्केप के हवाई फोटो। इहे इलाका ब्यापक रूप से तराई आ नेपाल में मधेस कहाला

जहाँ, तराई शब्द से भौतिक भूगोलीय आ इकोलॉजिकल प्रदेश के रूप में एकर पहिचान होले ओहीजे मधेस शब्द में सामाजिक-सांस्कृतिक-इतिहासी अर्थ के बोध ढेर बाटे। एह इलाका के मूल लोग के मधेसी, मधेसिया या मद्धेसिया कहल जाला। मधेस के लोग पहिचान आ क्षेत्र के बिकास खातिर कई तरह के आंदोलन कर चुकल बाटे आ कई ठो संगठन आ समूह एह दिसा में सक्रिय बाड़ें।[2]

संदर्भसंपादन

  1. झा, हरि बंस. "Madhes and Maddhesias of Nepal". मूल काम त्रिपाठी, डी पी (संपा.). Nepal in Transition: A Way Forward (English में). पप. 303-. पहुँचतिथी 19 अक्टूबर 2016.
  2. James B. Minahan (1 August 2016). Encyclopedia of Stateless Nations: Ethnic and National Groups around the World, 2nd Edition: Ethnic and National Groups around the World. ABC-CLIO. पप. 509–. ISBN 978-1-61069-954-9.