योनी के चीन्हा के रूप में पाथर के बनल आकृती
कुंड में साम्हने के ओर के साइड पर बाहर के ओर निकलल हिस्सा योनी के चीन्हा होला
योग में बतावल योनि के मुद्रा

योनी भा योनि मनुष्य के मादा जननांग के धार्मिक रूप से पबित्र मानल जाए वाला चीन्हा के रूप में बनावल आकृति हवे। हिंदू धर्म के शाक्त आ शैव संप्रदाय में एकर खास चलन देखे के मिले ला।[1] ऋग्वेद[2] से ले के बाद के संस्कृत साहित्य में योनि शब्द के बिबिध अर्थ बा जिनहन के संबंध संतान पैदा करे से संबंधित बा आ मानव शरीर के एगो अंग के एह नाँव से जानल जाला। कई धार्मिक परंपरा सभ में, संतान के पैदाइश के मुख्य कारण के रूप में, एकरा के पबित्र मानल जाला आ एकरे चीन्हा (प्रतीक) के पूजा के बिधान बा। कई धार्मिक कर्मकांड सभ में ई छिपल रूप में भी मौजूद बा। यग्य में हवन कुंड भा यज्ञवेदी के खुदे भी योनि के रूप मानल गइल बा।[2][3]

संदर्भसंपादन

  1. Editors, The. "yoni | Hinduism" (English में). Britannica.com. पहुँचतिथी 2017-09-15.CS1 maint: extra text: authors list (link)
  2. 2.0 2.1 Bhagwan Singh (2011). Hadappa Sabhyata Aur Vaidik Sahitya. Radhakrishna Prakashan Pvt Ltd. पप. 292–. ISBN 978-81-7119-301-1.
  3. Prachin Bharat ke Vaigyanik Karndhar. Subodh Pocket Books. पप. 553–. ISBN 978-81-85134-05-5.