रिमोट सेंसिंग (हिंदी:सुदूर संवेदन) एगो तकनीक आ प्रक्रिया हवे जेह में आकाश में उड़ रहल गुब्बारा, हवाई जहाज भा उपग्रह पर लागल कैमरा या सेंसर से धरती के कौनों हिस्सा क चित्र खींचल जाला आ चित्र से बिबिध किसिम के जानकारी इकठ्ठा कइल जाला। दुसरे शब्द में, रिमोट सेंसिंग, भूगोलीय आँकड़ा बटोरे के तरीका हवे जेह में कैमरा भा सेंसर धरती के सतह से ऊपर कौनों प्लेटफार्म (जहाज भा उपग्रह इत्यादि) पर मौजूद रहे ला।

हवाई फोटो में नीला रंग में नदी आ लाल रंग में बनस्पति
1983 के एक ठो हवाई फोटो में पोटोमैक नदी, ऑक्सन कोव (खाड़ी) आ विल्सन ब्रिज देखाई पड़ रहल बाटे।

रिमोट सेंसिंग के प्रक्रिया के, प्लेटफार्म के आधार पर बाँटल जा सके ला - हवाई जहाज पर मौजूद कैमरा से फोटो खींचे के काम हवाई फोटोग्राफी कहाला, जबकि उपग्रह पर लागल सेंसर से चित्र (इमेज) लिहल सैटेलाईट रिमोट सेंसिंग। एही तरह सेंसर के प्रकार के आधार पर भी एकर दू प्रकार में बाँटल जाला: एक्टिव रिमोट सेंसिंग आ पैसिव रिमोट सेंसिंग; जब सेंसर अइसन संकेत रिसीव करे जे ओही प्लेटफार्मे से भेजल गइल होखे आ जमीन से टकरा के वापस आइल होखे तब एकरा के एक्टिव रिमोट सेंसिंग कहल जाला, जइसे कि राडार द्वारा चित्र लिहल। एकरे बिपरीत सुरुज के प्रकाश के धरती से रिफ्लेक्ट हो के लवटे वाला हिस्सा के ग्रहण करे वाला सेंसर सभ द्वारा कइल रिमोट सेंसिंग पैसिव रिमोट सेंसिंग कहाला।

ज्ञान-बिज्ञान के शाखा के रूप में रिमोट सेंसिंग के मतलब ऊपर बतावल प्रक्रिया आ तकनीकी के अध्ययन करे वाला बिसय होला। एकरे साथे जुड़ल अन्य कई बिसय बाड़ें जे संबंधित चीज सभ के अध्ययन करे लें, जइसे कि डिजिटल इमेज प्रॉसेसिंग, फोटोग्रामेटरी, जीआइसाइंस इत्यादि। रिमोट सेंसिंग के उत्पाद के रूप में हवाई फोटो आ उपग्रह आँकड़ा (उपग्रह से लिहल इमेज) आजकाल जीवन के बिबिध क्षेत्र में इस्तमाल हो रहल बाटे।

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