लवंडा नाच

भोजपुरीया लोक नृत्य
(लौंडा नाच से अनुप्रेषित)

लवंडा नाच भारतीय राज्य बिहार आ एकरे अगल-बगल के विस्तारन, जइसे पूर्वांचल,[1] के एगो क्षेत्रीय नाच (डांस के बिधा) हवे जेह में मरदाना कलाकार जनाना नियर कपड़ा-गहना पहिर के नाचेलें आ जनानन के भाव-भंगिमा के प्रदर्शन करेलें। एक समय में ई नाच एह विस्तार में बहुत प्रसिद्ध रह चुकल बा आ अइसन ग्रुप सभ के लवंडा नाच मंडलीलवंडा नाच पार्टी कहल जाय। बाद के समय में सिनेमा आ आर्केस्ट्रा के आ जाए से एह नाच के स्थिति खराब होखत चल गइल।

लवंडा नाच
Lavanda dancer.jpg
Genre लोकनृत्य
Origin बिहार, पूर्वांचल

प्रसिद्ध भोजपुरी नाट्यकार, लेखऽक आ सूत्रधार भिखारी ठाकुर के नाच मंडलीओ एक तरह से लवंडा नाच मंडली रहल जेह में जनानन के किरदार मरदाना कलाकार लोग करे।[2][3] हाल के समय में एह कला के ओर, कला के रूप में लोग के धियान गइल बा। एह बिसय के उठावत एगो फिलिम लौंडा बदनाम हुआ के निर्माण भी भइल बा।[4]

लवंडा नाच से कई किसिम के खराब बात भी जोड़ल जाला। लवंडा के रूप में काम करे वाला लइकन के शोषण के मुद्दाओ उठावल गइल बा। उदाहरण खाती मार्च 2006 में यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट फंड के एगो रिपॉर्ट सोझा आइल जेह में नाच पार्टी के मालिक लोग दुआरा एह लइकन के शोषण के बात कहल गइल रहे।[5] नाच के नैतिक परभाव के खराब बता के आ नचनिया सभ के लोग के नक्सलिन खाती जासूसी करे के आरोप में कुछ जगह अइसन नाच सभ पर रोक लगावे के बात भी दर्ज कइल गइल।[6]

इहो देखल जायसंपादन

संदर्भसंपादन

  1. Anna Morcom (7 February 2014). Courtesans, Bar Girls & Dancing Boys: The Illicit Worlds of Indian Dance. Hachette India. pp. 196–. ISBN 978-93-5009-793-9.
  2. Badri Narayan (3 November 2016). Culture and Emotional Economy of Migration. Taylor & Francis. pp. 103–. ISBN 978-1-315-44802-2.
  3. "लवंडा नाच | DNA" (in Hindi). Dnaindia.com. Retrieved 2018-04-01.
  4. "Dance like a woman". The Hindu. 2013-05-09. Retrieved 2018-04-01.
  5. House, Committee on Foreign Affairs, and Senate, Committee on Foreign Relations (सितंबर 2008). Country Reports on Human Rights Practices for 2007. Government Printing Office. pp. 2213–. ISBN 978-0-16-081399-3.{{cite book}}: CS1 maint: multiple names: authors list (link)
  6. Ashwani Kumar (2008). Community Warriors: State, Peasants and Caste Armies in Bihar. Anthem Press. pp. 139–. ISBN 978-1-84331-709-8.

बाहरी कड़ीसंपादन