शिक्षा (अंगरेजी:एजुकेशन) अइसन क्रिया ह जेह में कौनों तरह के ज्ञान, कौशल, नैतिक मूल्य, बिस्वास, आ आदत सिखावे के ब्यवस्था कइल जाला। शिक्षा के माध्यम के रूप में इस्कूली पढ़ाई भर नइखे सामिल, बलुक खीसा-कहनी से ले के चर्चा-परिचर्चा आ बीडियो देखावल भी सामिल हो सके ला। शिक्षा अक्सरहा केहू पढ़ावे सिखावे वाला ब्यक्ति के द्वारा दिहल जाले, जेकरा के शिक्षक कहल जाला; हालाँकि, कुछ लोग बिना केहू शिक्षक के भी सीख सकत बा।[1] शिक्षा औपचारिक आ अनौपचारिक रूप से हो सके ले। मतलब कि ब्यवस्थित तरीका से शिक्षा देवे के मकसद से भी ई काम कइल जा सके आ आ ब्यक्ति अपना अनुभव से भा देख-देख के भी अपने बिचार आ ज्ञान में बदलाव ले आ के शिक्षा हासिल क सके ला।

हाथ में कापी किताब लिहले, बइठ के ऊपर देखत कई ठे लड़िकी सभ
अफगानिस्तान में एगो इस्कूल में शिक्षा लेत लड़की सभ।

ब्यवस्थित शिक्षा के चार भाग में बाँटल जाला, नर्सरी/किंडरगार्डेन (इस्कूल से पहिले), प्राइमरी इस्कूल में, माध्यमिक इस्कूल में, कॉलेज या यूनिवर्सिटी में या अप्रेंटिस के रूप में।

शिक्षा के अधिकार, के अरथ हवे एक ठो ख़ास उमिर के लड़िकन के शिक्षा हासिल करे के कानूनी अधिकार।[2] बहुत सारा देसन में कुछ उमिर तक के लड़िका-बच्चा सभ खातिर शिक्षा अनिवार्य कइल गइल बाटे।

इहो देखल जायसंपादन

संदर्भसंपादन

  1. Dewey, John (1944) [1916]. Democracy and Education. The Free Press. पप. 1–4. ISBN 0-684-83631-9.
  2. ICESCR, Article 13.1